भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

'लौकिक संकेत' कविता-क्रम से-1 / मरीना स्विताएवा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

ढूंढ़ तू भी अपने लिए विश्वसनीय दोस्त
जिसने दिखाए न हों कोई करिश्मे ।
जानती हूँ- वीनस करतब है हाथों का
जानती हूँ- कौन है कलाकार और कैसी यह कला ।

उत्कृष्ट ख़ामोशियों से लेकर
हृदय के पूरा कुचले जाने तक
पूरे दिव्य सोपान-तन्त्र की सीमाएँ
निर्धारित होती हैं मेरे साँस लेने और न लेने से ।


रचनाकाल : 18 जून 1922

मूल रूसी भाषा से अनुवाद : वरयाम सिंह