भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अगर ख़्वाहिश है कोई / वेरा पावलोवा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अगर ख़्वाहिश है कोई
तो लाजिमी है अफ़सोस

अफ़सोस है कोई अगर
तो जरुर बाक़ी होगी याद

अगर बाक़ी है कोई याद
तो क्या था अफ़सोस को

और
अफ़सोस नहीं था अगर
तो ख़्वाहिश ही कहाँ थी ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : मनोज पटेल