भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अगर तुम्हें पसंद आईं मेरी कविताएँ / ई० ई० कमिंग्स

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अगर तुम्हें पसंद आईं मेरी कविताएँ,
तो उनको चलने देना, शाम के समय,
अपने से दो क़दम पीछे।

फिर लोग कहेंगे
"इस रास्ते पर हमने देखा था इक राजकुमारी को
जाते हुए अपने प्रेमी से मिलने (बस रात होने
ही वाली थी) और उसके संग-संग था, एक लम्बा और मूर्ख दास।"


अंग्रेज़ी से अनुवाद : अखिल कत्याल