भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अगर मैं जीना चाहता हूँ / एरिष फ़्रीड / प्रतिभा उपाध्याय

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अगर मैं जीना चाहता हूँ
सांस लेनी होगी मुझे
श्वसनीय वायु
      अगर मैं जीना चाहता हूँ
      खाना होगा मुझे
खाने लायक खाना

अगर मैं जीना चाहता हूँ
पीना होगा मुझे
पीने लायक पानी

अगर मैं जीना चाहता हूँ
सोना और जगना होगा मुझे
केवल सोना नहीं

अगर मैं जीना चाहता हूँ
प्यार करना होगा खुद से और दूसरों से मुझे
और खड़ा होना होगा युद्ध के खिलाफ