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अग्नि धौरे कोण खड़या मैं तनै देख कै डर ली / मेहर सिंह

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वार्ता- पवन की आवाज सुणकै अंजना उसके पास आ कर खड़ी हो जाती है और जब पवन अग्नि में कूदने को तैयार होता है तो उसे पकड़ लेती है और क्या कहती है-

अग्नि धौरे कोण खड़या मैं तनै देख कै डर ली
पवन पति हो तै बोल पड़ै नै तेरी मारी मर ली
सारी जिन्दगी पड़ै भोगनी जुणसी करणी कर ली
पवन पति की शान देख कै भाज कै कोली भर ली
गुरु लखमीचन्द कहै पेट का तो भरणा होगा झेरा।