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अट्टालिका / एज़रा पाउंड / एम० एस० पटेल

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आओ, बदतर हैं जो हमसे, उनपर तरस खाएँ ।
आओ, याद करें, मेरे मित्र
                       पैसेवालों के मित्र नहीं ख़ानसामाँ होते हैं,
हमारे मित्र हैं ख़ानसामाँ नहीं
आओ, विवाहितों और अविवाहितों पर दया करें ।

सजी-धजी पावलोवा[1] जैसी
धीरे-धीरे उषा मंच पर आती है,
मैं अपनी अभिलाषा के क़रीब होता हूँ ।
इस निपट उदासीनता की घड़ी से
जीवन किंचित् सुखी नहीं है,
        एक साथ सतर्क होने का समय है

मूल अँग्रेज़ी से अनुवाद : एम० एस० पटेल

शब्दार्थ
  1. एक रूसी नृत्य-नाटिका की नर्तकी (1885-1931)