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अतीत ? / रोज़ा आउसलेण्डर

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क्या बीत गया?
नहीं कभी नहीं बीतेगा !
हम अमर हैं मगीकान[1] कबीले के प्रतिनिधि
प्राचीन और नई नस्ल के लोग

पृथ्वी और रेत और आकाश
आकाश और सूरज की लपट

दुनिया में खूबानियाँ हैं
बाँसुरीवादक बाँसुरी बजा रहे हैं

आ जाओ, आओ गले लग जाएँ
इस पृथ्वी और आकाश के

रूसी भाषा से अनिल जनविजय द्वारा अनूदित

शब्दार्थ
  1. रेड इण्डियनों का विलुप्त मगीकान क़बीला, जो कभी न्यूयार्क के इलाके में रहता था