भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अनजान होना/ हरीश करमचंदाणी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

चिड़िया को नहीं मालूम कितना मीठा गाती है
मोगरा भी हैं बेखबर अपनी महक से
और हवा जो बहती रहती हरदम
नहीं पता उसे कितनी जरुरी हैं वह
और आदमी जो जानता इतना इतना

अनजान होना हमेशा बुरा तो नहीं होता