भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अनपढ़ कै बी.ए. पास भम की सूं / करतार सिंह कैत

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

पत्नी: अनपढ़ कै बी.ए. पास भीम की सूं
पति: तनै पति मिल्या सै खास भीम की सूं...टेक

पत्नी: ऐसी कौण सी खासियत जो तोल पट्या मनै तेरा ना
पढ़े लिखे बिन माणस का कदे होता दूर अंधेरा ना
पशु बराबर लागै सै तनै किसे बात का बेरा ना
पति: मेरी खासियत तनै सुणाऊँ सुणिये करकै ध्यान गौरी
हल बाह द्यूं पाणी ल्या दूं नहीं बोझ की टाल गौरी
लेकै लाठी भैंस चरा द्यूं करने जानु पाल गौरी
द्यूं काट गंडासे तै घास भीम की सूं
तनै पति मिल्या सै...

पत्नी: अकल मुताबिक बात सुणा दी इसमैं तेरा दोष कोन्या
अनपढ़ता का कुष्ठ लागर्या क्याहें की भी होश कोन्या
गंदा बाणा मोटा खाणा निर्मल बुद्धि जोश कोन्या
पति: रहण दे ऊत रांड क्यूं बोल कह अभिमान का
काम करे बिना नहीं गुजारा दुनिया म्हं इंसान का
मनै खेतां के म्हं उमर बितानी बेटा सूं किसान का
तेरी नहीं सुणुं बकवास भीम की सूं
तनै पति मिल्या सै...

पत्नी: बिना पढ़ाई खेती का भी कोन्या चालै काम पिया
फसलों की दवाइयों के नहीं जाणता नाम पिया
सही खाद और सही बीज का ना कर सकता इंतजाम पिया
पति: या तै साच्ची बात तेरी कुछ मेरी समझ मैं आवै सै
माडु का छोरा पढ़ लिख कै आच्छा काम चलावै सै
म्हारे तै कम धरती लेर्या ज्यादा फसल उठावै सै
होया तेरी बातां पै विश्वास भीम की सूं
तनै पति मिल्या सै...

पत्नी: ट्यूबल और ट्रैक्टर के बिना मुश्किल होगी खेती-क्यारी
किस तरियां तै कर्ज मिलै ना मालूम समस्या भारी
कौणसा अफसर पास करणिया खुल रे दफ्तर सरकारी
पति: किल्यां की दे फरद बैंक तै जाकै कर्ज कढ़ाणा होगा
हैरो, कल्टीवेटर, गौड़ी लाकै खेत कमाणा होगा
सहकारी ढंग तै खेती पिया उत्पादन बढ़ाणा होगा
मैं करवा ल्यूं फार्म पास भीम की सूं
तनै पति मिल्या सै...

पत्नी: बस अड्डे और स्टेशनों पै अनपढ़ धक्के खाते देखे
मंडी के म्हं आढ़तियों कै सारी फसल लुटाते देखे
सौ मण देकै रह बकाया फेर भी गूंठा लाते देखे
पति: मान गया तेरी बात प्रेमो मैं सोऊं था भूल म्हं
अनपढ़ता के कारण जिंदगी जा ली फिजूल म्हं
करतार सिंह की पढ़त मानकै इब जाऊंगा स्कूल म्हं
मेरै लगी पढ़ण की ख्यास भीम की सूं
तनै पति मिल्या सै...