भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अनुपस्थिति / मनोज कुमार झा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तुम नहीं तो यहाँ अब मेरे हाथ नहीं हैं
            एक जोड़े दस्ताने हैं
पैर भी नहीं
            एक जोड़ी जूते की
देह भी नहीं
            बस माँस का एक बिजूका जिसमें रक्त और हवाएँ घूम रही हैं।