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अपने सपने के साथ मेरे सपने में सो जाओ / पाब्लो नेरूदा / उज्ज्वल भट्टाचार्य

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तुम मेरी हो चुकी हो । अब अपने सपने के साथ मेरे सपने में सो जाओ ।
प्यार, सोग, मशक्कत, सबको अब सोना है ।
अनदिखे पहियों पर रात घूमती जा रही है
और सोते अम्बर-सी पाक मेरे साथ हो तुम ।

मेरी प्यारी, मेरे सपने में और कोई कभी सोएगी नहीं ।
समय की धार के साथ चलोगी तुम, चलेंगे हम ।
किसी और को जाना नहीं मेरे साये के साथ,
सिर्फ़ तुम हो, नित्य यह प्रकृति, नित्य है सूरज, नित्य है चान्द ।

अपनी कमसिन मुट्ठियों को खोल चुकी हो तुम
फुहार से बरसते हैं रेशमी इशारे बेहिसाब,
भूरे दो डैनों की मानिन्द पलकों को समेट लेती हो तुम ।

और तुम्हारे पानी में बहता जाता हूँ मैं :
यह रात, यह धरती, ये हवाएँ बुनती हैं उनकी क़िस्मत, और
मैं सिर्फ़ तुम्हारे बिना ही नहीं, सिर्फ़ मैं हूँ तुम्हारा सपना ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : उज्ज्वल भट्टाचार्य