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अबखायां उलळै / राजेन्‍द्र स्‍वर्णकार

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अबखायां उलळै हद - अणहद ,
जबरजिना सजनां री है !
नंग - मलंगा रंग जमावै ,
ठकराई ठगनां री है !
पूजीजै हर ठौड़ कुपातर ,
जै झूठा जतनां री है !
फग फग फग फागड़दा फूलै ,
चांनणली घुघनां री है !
दुनिया दोगळियां - दोख्यां री ,
बायड़ियां - बगनां री है !
चातर चुग्गां चाटूकारां
मदछकियां मगनां री है !
पूग मसीतां ‘ मुल्लो ’ मुळकै -
म्हारी दौड़ मनां री है !
‘ जागणियो ’ दमड़ा गिण गावै –
भूख म्हनैं भजनां री है !
कोनीं कौडी काच जिस्या ई
पण डूंडी रतनां री है !
कदर ईंयै बस्ती ; राजेन्दर
फीस्योड़ा फुगनां री है !