भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

आजा चिड़िया / सरोजिनी कुलश्रेष्ठ

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

आजा चिड़िया आजा चिड़िया,
क्यों ऊपर तू बैठी चिड़िया?

आजा अन्दर, आजा अन्दर,
ठिठुर रही क्यों ऊपर चिड़िया?

आजा अन्दर, आजा मुझ तक,
मिलकर खेलें गुड्डा-गुड़िया।

अम्मा से कहकर मैं तुझको,
बुनवा दूँगी स्वेटर बढ़िया।