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आज बागां मैं ए जीजी जगमगी / हरियाणवी

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आज बागां मैं ए जीजी जगमगी
आया मेरी मां का जाया बीर
हीरा बन्द ल्याया चून्दड़ी
ओढूं तो हीरा मोती झड़ पड़ै
डिब्बै बसै तो ललचे जिया
सादी क्यूं ना ल्याया चून्दड़ी
क्यूं ललचाया अपणा जिया
तनै और भतेरी ल्या द्यां चून्दड़ी