भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

आडम्बर / मनीष मूंदड़ा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जीवन जिसे लोग कहते हैं
जिया किसने है?
एक दूसरे को ढोते हैं
जिस ताने बाने की बात तुम करते हो
वो झुलसा पड़ा है
बरसों बरस की आग से
ना कोई डोर बची ना कोई सिरा दिखता हैं
बस
बाहरी कृत्रिम रोशनियों से चमकते
अंदरूनी अंधेरों को छुपने छिपाते
चले जा रहें हैं
कहीं दूर बड़ी तेजी से
सब आडम्बर के तानेबाने में साँसे लेते