भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

आम / फुलवारी / रंजना वर्मा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

आये पीले पीले आम।
लगते बड़े रसीले आम॥

हाट बाट पर बिकने आये
देखो रंग रँगीले आम॥

खाने को है मन ललचाया
आओ काटें छीलें आम॥

लिया हाथ में तो दब जाते
लगते गीले गीले आम॥