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आयो बगत भूंडो भारी बाबा / सांवर दइया

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आयो बगत भूंडो भारी बाबा
किण नै फ़ुरसत सुणै थारी बाबा

आंगळी मेलां तो फ़ीसै गाभा
लागै कोनी कोई कारी बाबा

अळघै सूं दै झोला नित भरमावै
इण सुख मन में कांई धारी बाबा

मून री भींतां इंयां ई टूटैला
आ बंतळ रैवण दै जारी बाबा

हर उणियारै आसी ओप-उजास
उणी दिन हुसी जीत थारी बाबा