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आशंका / निज़ार क़ब्बानी

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मैं डरता हूँ
तुम्हारे सामने
अपने प्रेम का इजहार करने से ।

सुना है
जब चषक में ढाल दी जाती है शराब
तो उड़ जाती है उसकी सुवास ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : सिद्धेश्वर सिंह