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आ माता म्हांरी है! / राजेन्‍द्र स्‍वर्णकार

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आ माता म्हारी है बीरा, माता आ थारी है !
आ माता थारी है बैनड़, माता आ म्हारी है !
राजस्थानी आपां सगळा राजस्थान्यां री है !

आ भाषा म्हांरी है लोगां ! माता आ म्हांरी है !
राजस्थानी भाषा सगळा राजस्थान्यां री है !
राजस्थानी देह - आत्मा राजस्थान्यां री है !

नव दुर्गा ज्यूं इण माता रा रूप निजर केई आवै
मोद बधावै मेवाड़ी मन हाड़ौती हरखावै
बागड़ी ढूंढाणी मेवाती मारवाड़ी है !
भांत भांत सिणगार सजायेड़ी आ रूपाळी है !
आ माता म्हारी है बीरा, माता आ थारी है ! !

गरब सूं गवरल ज्यूं मायड़ नैं माथै उखण्यां घूमां
चिरमी मूमल काछबो गावां, लड़ली लूमां झूमां
मीठी मिसरी आ भाषा सगळां सूं प्यारी है !
चांदड़लै री उजियाळी आ सूरज री लाली है !
आ माता थारी है बैनड़, माता आ म्हारी है ! !

वीर बांकुरां री बोली आ सेठ साहूकारां री
वाणी भगतां कवियां करसां राजां बिणजारां री
मरुधरती रो कण कण पग पग मा सिणगारी है !
बडो काळजो राखण वाळी निरवाळी न्यारी है !
आ माता म्हांरी है सुणज्यो, भाषा आ म्हांरी है !!

गरबीली ठसकै वाळी है , जबर मठोठ इंयै री
जद गूंजै; के कान ? खोलदै खिड़क्यां बंद हियै री
मत जाणीजो इण रा जायोड़ां में मुड़दारी है !
आज काल में हक़ लेवण री इब म्हांरै त्यारी है !
राजस्थानी देह - आत्मा राजस्थान्यां री है !!

मत करज्यो रे बै'म कै भायां सूं भाई न्यारा है
काळजियै री कोर है भाई आंख्यां रा तारा है
अणबण व्हो ; म्हैं जूदा नीं व्हां…मन में धारी है !
सावचेत रे टकरावणियां ! जीत अबै म्हांरी है !
सावचेत रे टरकावणियां ! जीत अबै म्हांरी है !