भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

उतनी ही जगह में / कंस्तांतिन कवाफ़ी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मकानों, कहवाघरों और पास-पड़ोस का परिवेश
जिसे मैंने देखा और
          सालों-साल
          जिससे होकर गुज़रा :

मैंने तुम्हें सिरजा अपनी ख़ुशी
          अपनी उदासी के दौरान
बहुत सारी घटनाओं से
          बहुत-से ब्योरों से

और अब तुम-सब
मेरे लिए अनुभूति में बदल गए हो ।
 
अँग्रेज़ी से अनुवाद : सुरेश सलिल