भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

उस पहाड़ के पीछे / महेंद्रसिंह जाडेजा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तार पर बैठा हुआ किंगफ़िशर
और हरे-भरे खेतों के
बीच से गुज़रती ट्रेन,

नीले-नीले जंगली फूलों से
गुँथी हुई हरी-हरी याद,
तालाब के किनारे
टोली बनाकर खड़े सुरखाब,
बाँस की पत्तियों को सरसराती हवा

यह सब कुछ
उस पहाड़ के पीछे है ।

मैने उसे देखा नहीं
पर ये निश्चित
उस पहाड़ के पीछे है ।


मूल गुजराती भाषा से अनुवाद : क्रान्ति