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एक नीग्रो की नदी-कथा / लैंग्स्टन ह्यूज़ / अनुराधा सिंह

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मैं जानता हूँ नदियों को
मैं जानता हूँ उन नदियों को
जो हैं पृथ्वी जितनी प्राचीन
और मानव देह के रक्त प्रवाह से भी पुरातन
 
मेरी आत्मा है नदियों सी गहन
मैंने ऊषा की तरुणाई में महानद में किया था स्नान
डाल ली थी एक झोंपड़ी कोंगों नदी के किनारे
और उसने सुलाया था मुझे लोरी गाकर

मैंने नील नदी को निरखा और उसके ऊपर पिरामिड उन्नत किए
मैं साक्षी रहा हूँ उस दिन का
जब अब्राहम लिंकन अश्वेत दासता का अन्त करने न्यू औरलीन्स गए

मैंने मिसीसिपी नदी को गाते सुना था उस दिन
और सूर्यास्त की बेला
देखा था तलहटी की माटी को सुनहरा होते हुए

मैं जानता हूँ नदियों को
प्राचीन, साँवली नदियों को
मेरी आत्मा उन्हीं नदियों सी गहरी है।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : अनुराधा सिंह