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एक बात सुणो सरेआम हमारे नेता कांशीराम / सतबीर पाई

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एक बात सुणो सरे आम
हमारे नेता कांशी राम, इस्तिफा न्यूं देगे...टेक

समाज के ऊपर बेरहमी तै ढाहवै जुल्म मनुवादी
कोन्या देख्या गया साहब पै न्यूए नौकरी ठुकरा दी
ना कोई इल्जाम साहब का सुणल्यो हाल तमाम
इस्तिफा न्यूं देगे...

पक्का कर्या इरादा वादा परिवर्तन चाहिए ल्याणा
दब्या कुचल्या समाज आज मनै न्यू चाहिए ऊपर ठाणा
कर्या सूझबूझ तै काम सोच लिया इब रहणा नहीं गुलाम
इस्तिफा न्यूं देगे...

चलते चलते एक नाव दीखगी जहां से असली पता मिलै
शिक्षा तै बुद्धि संगठित तै बल संघर्ष तै शक्ति सत्ता मिलै
पढ्या भीम राव का नाम फेर पी लिया मिशन का जाम
इस्तिफा न्यूं देगे...

बाबा साहब के रस्ते पै चल करी पार्टी त्यार इनै
कर दिया एक समाज जोड़ जाति कई हजार इनै
सतबीर सिंह सुबह शाम करै कविताई पाई गाम
इस्तिफा न्यूं देगे...