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एक सरल नन्हा गीत / काएसिन कुलिएव / सुधीर सक्सेना

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ये रहा एक सरल नन्हा गीत
हिमाच्छादित पहाड़ी के बारे में
सड़क किनारे पड़े एक पत्थर के बारे में
एक सहज नन्हा गीत

ये रहा एक सरल नन्हा गीत
कल-कल करती फेनिल नदी के बारे में
हरीतिमा में खड़े एक पेड़ के बारे में
एक सहज नन्हा गीत

ये रहा एक सरल नन्हा गीत
बेरियाँ चुनने गया है एक लड़का
डलियाभर बेर घर लाएगा वह
एक सहज नन्हा गीत

गीत सपने की तरह क्षणिक हैं
पहाड़ी बर्फ़ की तरह मासूम
बहती हुई नदी की तरह संगीतमय
पुराने मटमैले पत्थर से सादे

इसमें है एक सीधी-सादी लय
यह ख़ुश है जैसे बच्चे की किलकारी
यह मेरे सपनों में आया, देखो तो, लोगो !
फूलों से लदी चेरी की एक नाज़ुक टहनी ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : सुधीर सक्सेना