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ए लीला झण्डा सै हाथी का खड़ा कांशी राम पावै गा / अमर सिंह छाछिया

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तर्ज: खोल कै बता दे सारी पति कै आग्य सारी

ए लीला झण्डा सै हाथी का, खड़ा कांशी राम पावै गा।
ए जो ब.स.पा. के देवै बोट सीधा संसद म्हं जावैगा।...टेक

रिमझिम-रिमझिम बाजै पायल साज सा मिलाओ सो।
सबका बोल मिलै एक सा लय सुर म्हं गाओ सो।
सुणदिए हो जा मोहित बिराग सा लाओ सो।
मिट्ठी तर्ज बैठ जा मर्ज रंग इसा ऐ ठाओ सो।
जिसकै लागै जा खटक थारी वो उरै ए आवै गा...

मृगा जैसी डार थारी डांक मारदी आओगी।
रंगरूटां की ढाला कदम एक मिलाओगी।
85 नं. बूथ थारे पै थामी कट्ठी हो जाओगी।
कैंडीडेट कै आज्या जी सा जिब मोहर हाथी पै लाओगी
होगी मन की चाही उसकै वो जी सा लेवै गा...

कदे पिरवा कदे पिछवा या हवा फिरदी आवै सै।
इसे की ढाला लहर थारी भी बणदी आवै सै।
बी.एस.पी. की तो सारे ए किलकी पड़दी आवै सै।
विरोधियां की भी सेती ए रान्द कटदी आवै सै।
यो पकड़ ज्या खाट बख्त तै हाल इसा ए होवै गा...

जड़ै हो प्रचार थारा उड़ै भीड़ ए पावै सै।
लाखां की संख्या म्हं दुनिया आवै सै।
मायावती नै तो सारा भारत चाह्वै सै।
अमरसिंह छाछिया बड़सी आला सही बतावै सै।
इनकी जमानत भी बचै नहीं इसा सफाया होवै गा...