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कई स्वारथ साधे चाहवै / रणवीर सिंह दहिया

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सरतो नफेसिंह की चिट्ठी पढ़कर क्या सोचती है भला:

कई स्वारथ साधे चाहवै अमरीका जंग की आड़ मैं॥
दुनिया नै डराना चाहवै लगा टीका सब की जाड़ मैं॥

इराक को बुश नै धुरी बुराई की बताया आज
काल ताहिं सद्दाम बढ़िया भूण्डा क्यों दिखाया आज
इराक इरान उत्तर कोरिया एक साथ बिठाया आज
आतंकवाद के बाबू नै देखो इराक सताया आज
क्यूकर होवै तेल बंटाई फंसगे आपस की राड़ मैं॥

उसके पिट्ठू इराकी जितने सबमैं लाखां डालर बांटे
कटपुतली सरकार ताहिं उसनै अपने गुर्गे छांटे
गुप्त योजना घड़ी बताई सब ताहि बतावण तै नाटे
जिननै सवाल करया कोई वे घणी कसूती ढाला डांटे
अपणी मण्डी बधवण ताहि आग लाई देशां की बाड़ मैं॥

नब्बे मैं बम्ब बरसाकै इराक मैं लाखां लोग मार दिये
महिला बच्चे और बूढ़े बिन मौत के घाट उतार दिये
दो हजार पाउंड का बम्ब इराक पै कसूते वार किये
पाबन्दी चाली आवै जिबतै भूख नै लोग बीमार किये
अमरीका देखै स्वारथ अपना बाकी जाओ सब भाड़ मैं॥

इजराइल फिलीस्तीन नै घणी कसूती ढाल सतावै
अमरीका इजराइल का क्यों जमकै नै साथ निभावै
प्रधानमंत्राी मारया जिसनै उनै शांति पुरुष बतावै
बिन लादेन का यारी बता सद्दाम नै सबक सिखावै
कहै रणबीर भरैगी बुड़का जनता बुश की नाड़ मैं॥