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कउने बाबू के मड़वा लगल फुलवरिया हे / मगही

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मगही लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

कउने बाबू के मड़वा लगल फुलवरिया हे।
कउने देइ[1] के कोहबर नाचहइ[2] मलहोरिया[3] हे।
आजु सुदिनमा दिनमा नाचइ मलहोरिया हे॥1॥

शब्दार्थ
  1. देवी
  2. नाच रहा है
  3. माली