भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

करने वाले काम / असद ज़ैदी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

वापस खींचो सारे छुरे
जो तुमने घोंपे थे पसलियों के बीच
हँसली के ऊपर गुर्दों के आसपास
लौटाओ लोगों को मुर्दाघरों से
इमर्जेंसी वार्ड में जहाँ नाइट ड्यूटी पर लगे
दो उनींदे डाक्टर तुम्हारे किसी शिकार को
बचाने की कोशिश कर रहे हैं
वे ऐसे तो उसे बचा नहीं पाएँगे

खींचकर वापस लाओ वहाँ से भी उन सब मरते हुए लोगों को
बिठाओ उन्हें उनकी बैठकों और काम की जगहों में
सुनो उनसे उनके पसंदीदा मज़ाक़

जब उनमें से किसी की औरत चाय लेकर आए
तो हस्बे-.मामूल बोलो नमस्ते भाभी
और कोई बच्चा-.बच्ची झाँकते दिखाई दें तो
बुलाओ और कहो देखो ये रहे तुम्हारे पापा

वापस लो अपनी चश्मदीद गवाहियाँ
जिनका तुमने रिहर्सल किया था
बताओ कि इबारत और दीद भयानक धोखा थीं
और याददाश्त एक घुलनशील ज़हर

फिर से लिखो अपना
सही सही नाम और काम

उन समाचारों को फिर से लिखो
जो अफ़वाहों और भ्रामक बातों से भरे थे
कि कुछ भी अनायास और अचानक नहीं था
दुर्घटना दरअसल योजना थी

मत पोंछो हर जगह से अपनी उंगलियों के निशान
छुड़ाओ अपने बालों से वह बेहूदा ख़िज़ाब

फिर से बनाओ वही हथेलियाँ
जो पसीजती थीं एक मासूम पशुता से
और मनुष्यता के ताप से