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कविता कोश की नीतियाँ

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१) कविता कोश में सम्मिलित कवियों का चुनाव

हिन्दी काव्य सागर के समान है। बहुत विशाल। इसलिये कोश का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। अभी विकास का पहला चरण चल रहा है। पूरे विचार विमर्श के बाद यह तय किया गया है कि इस चरण में केवल अपेक्षाकृत अधिक प्रतिष्ठित कवियों की रचनाओं का संकलन किया जाएगा। कौन कवि कितने प्रतिष्ठित हैं या थे -इस बात का कोई पैमाना सोचना बडा मुश्किल है क्योंकि प्रतिष्ठा सापेक्षिक और व्यक्तिगत होती है। इस लिये यह तय किया गया है कि इस चरण में मुख्यत: केवल उन रचनाकारों को सम्मिलित किया जाएगा जिनकी कविताएँ पाठ्यपुस्तकों में छप चुकी हैं। पहला चरण कोश में कम से कम 5000 कविताओं के इकठ्ठे होने तक चलता रहेगा। इस चरण में किन कवियों की रचनाओं को शामिल किया जाएगा -इसका अंतिम निर्णय कविता कोश टीम करेगी। देखिये नये नाम जोड़ने की प्रक्रिया

इस नीति के कारण जो रचनाकार अभी अपनी स्वयं की रचनाओं को कोश का अंग नहीं बना सकते -उनसे अनुरोध है कि वे ई-पत्रिकाओं से संपर्क करें। देखें: कुछ ई-पत्रिकाओं के नाम

२) कविता कोश में "कविता" से तात्पर्य

कोश में "कविता" का अर्थ हिंदी काव्य की किसी भी विधा (जैसे- कविता, गीत, नवगीत, ग़ज़ल, मुक्तक, रुबाई, दोहा, चौपाई, सोरठा, हाइकु, सॉनेट, आदि) से है

३) कविता कोश टीम की सदस्यता

कविता कोश एक खुली परियोजना है। हर कोई इसमें योगदान देने के लिये आमन्त्रित है। परन्तु कोश में संपादन, तकनीकी, वर्तनी, नीति निर्धारण इत्यादि से संबंधित कार्य भी होते हैं। इन कार्यों के लिये कविता कोश टीम का गठन किया गया है। इस टीम के पास कोश से संबंधित विशेष कर्तव्यों के साथ-साथ उन्हें ठीक से निभा पाने के लिये कुछ विशेषाधिकार भी हैं।

टीम की सद्स्यता के लिये आपको कोई आवेदन देने की आवश्यकता नहीं है। जो व्यक्ति कोश में सतत रूप से योगदान देते रहेंगे -उन्हें टीम के सदस्य आपसी सहमति से स्वयं ही यह सदस्यता दे देंगे।


टीम की सदस्यता पाने के लिये व्यक्ति का कविता कोश के विकास के लिये उन्मुख होना आवश्यक है।