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27 सितम्बर 2011

आपने पिछले एक सप्ताह के दौरान कविता कोश के पन्नों पर कुछ समस्याएँ देखी होंगी; जैसे कि रचनाओं का अचानक गायब हो जाना।

कुछ भी आगे बताने से पहले मैं कविता कोश के प्रयोक्ताओं और योगदानकर्ताओं को मैं आश्वस्त करना चाहता हूँ कि कोश में से कोई भी रचना हटी नहीं है। योगदानकर्ताओं का सारा योगदान भी यथावत संकलित हो रहा है। कविता कोश में अपने कार्य को सुचारू रूप से करते रहें।

अब मैं आपको समस्या के बारे में जानकारी देता हूँ।

इस समस्या के मूल में कविता कोश के सर्वर पर बढ़ रहा बोझ है। एक सप्ताह पहले कविता कोश का सर्वर क्रेश हो गया क्योंकि कोश को काफ़ी बड़ी संख्या में लोग एक साथ प्रयोग कर रहे थे। बहुत कोशिश के बाद मैं कोश को वापस पटरी पर ला पाया।

कविता कोश के रोज़ाना सवा लाख से भी अधिक पन्नें पढ़े जा रहे हैं। फ़िलहाल जिस तरह के सर्वर पर कोश चल रहा है –वह सर्वर इतना बोझ आसानी से नहीं उठा सकता।

अब यदि आप कोश में कोई पन्ना देखते हैं तो हो सकता है कि आपको उस पन्नें का लेटेस्ट वर्ज़न ना दिखे। इसीलिए आपको कुछ रचनाएँ जो पहले दिखती थीं –अब नहीं दिख रहीं है। इसका अर्थ, हालांकि, यह नहीं है कि रचनाएँ मिट गई हैं। सब कुछ जैसा पहले था वैसा ही अब भी है –मैंने केवल सर्वर पर भार कम करने के लिए लेटेस्ट वर्जन पर पाबंदी लगा दी है। फ़िलहाल लेटेस्ट केवल उन प्रयोक्ताओं को दिखेगा जो लॉगिन करेंगे। बिना लॉगिन किए प्रयोक्ताओं को लेटेस्ट वर्जन मिल भी सकता है और नहीं भी।

इस समस्या का समाधान केवल एक ही है; और वो यह कि कविता कोश को एक बेहतर सर्वर पर स्थानांतरित किया जाए –ऐसा सर्वर जो इस वेबसाइट की लोकप्रियता को संभाल सके। इसके लिए धन की आवश्यकता है। फ़िलहाल मेरे पास इतना धन नहीं है कि मैं कोश को नए सर्वर पर स्थानांतरित कर सकूं। इसलिए आपको कुछ समय तक इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

असुविधा के लिए खेद है। --Lalit Kumar 18:17, 27 सितम्बर 2011 (UTC)

6 सितम्बर 2011

हिन्दी काव्य का इतिहास विषय पर श्री राजुल मेहरोत्रा द्वारा लिखित लेखों की एक शृंखला अब कविता कोश में उपलब्ध है। श्री मेहरोत्रा ने यह सामग्री विशेष-रूप से कविता कोश के लिए लिखी है।

2 सितम्बर 2011

कविता कोश टीम का हिस्सा रहे और अपनी इच्छा से कविता कोश को छोड़ चुके कुछ लोगों ने टीम के सदस्यों के बीच हुए गोपनीय पत्र-व्यवहार को कुछ वेबसाइट्स व ब्लॉग्स पर सार्वजनिक कर दिया है। ऐसा करना नैतिकता और कानून दोनों की नज़र से ग़लत है। ऐसा करके इन व्यक्तियों ने अपनी गरिमा को ही ठेस पहुँचाई है। वेबसाइट्स इन पत्रों को चटपटे शीर्षकों के साथ छाप रही हैं और जनसामान्य में यह झूठा संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि कविता कोश में सब कुछ ठीक नहीं है।

इसके उलट सत्य यह है कि कविता कोश एकदम चुस्त-दुरुस्त है और लगातार आगे बढ़ रहा है। कोश के रोज़मर्रा के कार्य निर्बाध गति से चल रहे हैं और सभी योगदानकर्ता कोश के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को निबाहने में व्यस्त हैं।

कविता कोश लगातार चल रहे इस झूठे और दुष्प्रचार से लेशमात्र भी प्रभावित नहीं है।

27 अगस्त 2011

निम्नलिखित विषयों पर जानकारी अब उपलब्ध है।

24 अगस्त 2011

  • श्री अनिल जनविजय का कविता कोश टीम से त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है।
  • नवनियुक्त संपादक श्री प्रेमचंद गांधी ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।
  • इस समय कविता कोश संपादक का पद खाली है और संपादकीय कार्य कविता कोश टीम के अन्य सदस्य देखेंगे।
  • संपादक पद के लिए उचित उम्मीदवार मिलने तक यह पद खाली रहेगा।
  • नोहार, राजस्थान के रहने वाले आशीष पुरोहित को राजस्थानी विभाग में रचनाएँ जोड़ने के लिए कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।