भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

कविता / सर्जिओ इन्फेंते / रति सक्सेना

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

सच में
किस फूल के बारे में
बतियाऊँ मै तुमसे?

नाम
पंखुड़ियों की निरंतरता
या नाभि-निहित
सुगंध-संगति नहीं है।

नाम शुरू से ही
गंधहीन, कुम्हलाया सा लगता है,
नवजात फल के
रोमगुच्छों को मृत्यु सा घर्राती
शाखा-निस्पंदन से
रोमिल शिखर ताड़ित करती
किसी वायु का नाम
अपूर्व-अनुभव नहीं है।

लेकिन यही तो है मेरे पास,
महज एक नाम
और इस नाम के सिवाय
कुछ भी तो नहीं है
सारा का सारा उद्यान।