भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

कालिका, एलौं तोरे द्वार, पूजन बेरिया / मैथिली लोकगीत

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मैथिली लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

कालिका, एलौं तोरे द्वार, पूजन बेरिया
के चढ़ाबे अक्षत-चानन, केये फूल-कलिया
सेवक चढ़ाबे अक्षत-चानन, भगत चढ़ाबे फूल कलिया
के चढ़ाबे उजरा छागर, के छागर करिया
सेवक चढ़ाबे उजरा छागर, भगत चढ़ाबे छागर करिया
के चढ़ाबे गेरू, के चढ़ाबे अंचरिया
सेवक चढ़ाबे गेरू, भगता चढ़ाबे अंचरिया
कल जोरि मिन्ती करै छी हे माता
सदा रहब रछपाले हे कालिका