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किसी राष्ट्रपति की मूर्ति नहीं बच पाती / निकानोर पार्रा / उज्ज्वल भट्टाचार्य

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किसी राष्ट्रपति की मूर्ति
नहीं बच पाती है
उन अचूक कबूतरों से

क्लारा साण्डोवाल[1]
हमें कहा करती थी :
उन कबूतरों को पता है
वे क्या करते हैं ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : उज्ज्वल भट्टाचार्य

शब्दार्थ
  1. निकानोर पार्रा की माँ