भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

कुछ भी नया नहीं है यहाँ / डोरिस कारेवा / तेजी ग्रोवर

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

फिर ले चल मुझे,
सूरज,
वसन्त-शर्मीले मेरे जिस्म को,

जो कब से सर्द है —
जब से तुम
उफ़ुक के पार गए हो ।

कुछ भी नया नहीं है यहाँ —
जाड़े में भेड़िए,
गर्मियों में मच्छर —

और दुनिया के तटों पर,
भटकती, पगलाई-सी,
दुल्हन है कोई
डूबे हुए नाविक की ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : तेजी ग्रोवर