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के पाछै तै डूबा पड़गो होग्या मूंह काळा / मेहर सिंह

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दरवाजे पै देखण लाग्या परचा सै अक चाला
के पाछै तै डूबा पड़गो होग्या मूंह काळा।टेक

मारे रै मौसीस हत्यारी नै चल्या उल्टा घोड़ा मोड़ कै

कह आग्या मैं थारी जाग्हां में, थारे बागां मैं
जगदेव पति तेरा।टेक

मान ज्या बात पिया इसमें भला तुम्हारा होगा
बियाबान में सथ चलूंगी तेरे साथ गुजारा होगा।

दिया तनै मार दिया शेर सिंहनी चालै करगी हो