भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

कोई फ़र्क नहीं पड़ता / ऊलाव हाउगे

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: ऊलाव हाउगे  » कोई फ़र्क नहीं पड़ता

यदि टिड्डा
अपनी दराँती तीखी करता है
तो कोई फ़र्क नहीं पड़ता।

लेकिन यदि
वनयूका फ़ुसफ़ुसाती है
तो सावधान रहना।


अंग्रेज़ी से अनुवाद : रुस्तम सिंह