भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

क्या तुम हो एकाकी / गुन्नार एकिलोफ़

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

क्या तुम हो
एकाकी

हो जाओ

तुम्हें मिलेगी
बहुत बड़ी रेलगाड़ी

आख़िर में ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : सुधीर सक्सेना