भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

क्षणिकाएँ / अमन चाँदपुरी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बोरसी

पुसोॅ मेॅ
कोहोॅ के आगू
रात भर
डरी-डरी जलै छै बोरसी
सोची केॅ
सब केॅ जाड़ोॅ सेॅ बचौइयै
कि खुद केॅ ।

परिवार

परिवारोॅ लेली
कुछ लोग
बेची दै छै
आँखोॅ के नींद
मनोॅ के चैन।