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ख़ुदकुशी / फ़राज़

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ख़ुदकुशी[1]

वो पैमान[2] भी टूटे जिनको
हम समझे थे पाइंदा[3]
वो शम्एं भी दाग हैं जिनको
बरसों रक्खा ताबिंदा[4]
दोनों वफ़ा करके नाख़ुश[5] हैं
दोनों किए पर शर्मिन्दा[6]
प्यार से प्यारा जीवन प्यारे
क्या माज़ी[7] क्या आइंदा[8]
हम दोनों अपने क़ातिल हैं
हम दोनों अब तक ज़िन्दा.

शब्दार्थ
  1. आत्महत्या
  2. वचन
  3. अनश्वर
  4. प्रकाशमान
  5. अप्रसन्न
  6. लज्जित
  7. अतीत
  8. भविष्यकाल