भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

गीत / लैंग्स्टन ह्यूज़ / मणिमोहन मेहता

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मैं वहाँ बैठा रहा
अँधेरे में
उसके गीत गुनगुनाते हुए।

उसने कहा —
’मुझे समझ नहीं आते
शब्द‘।

मैंने कहा —
“यहाँ
शब्द कहाँ हैं”।

मूल अँग्रेज़ी से अनुवाद : मणि मोहन