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चिड़िया आशियाना ढूँढ़ती है / मुन्नी गुप्ता

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चिड़िया,
आशियाना ढूँढ़ती है
       बालू की ढूह पर
       रेत की भीत पर
 
चिड़िया आशियाना ढूँढ़ती है
       समन्दर की लहरों पर
       आसमाँ की आश्ना पर
 
चिड़िया आशियाना ढूँढ़ती है
       बादलों के टुकड़ों पर
       पिघलती हिम की परत पर
भूल बैठी है वह
       आशियाने नहीं बना करते
       समन्दर और आसमाँ के बीच ।