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चूँ चूँ चूँ चूँ म्याऊँ म्याऊँ / अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

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चूँ-चूँ चूँ-चूँ चूहा बोले,
म्याऊँ म्याऊँ बिल्ली।
ती-ती, ती-ती कीरा बोले,
झीं-झीं झीं-झीं झिल्ली।
किट-किट-किट बिस्तुइया बोले,
किर-किर-किर गिलहैरी।
तुन-तुन-तुन इकतारा बोले,
पी-पी-पी, पिपहैरी।
टन-टन टन-टन घंटी बोले,
ठन-ठन-ठन्न रुपैया।
बछड़ा देखे बां-बां बोले,
तेरी प्यारी गइया।
ठनक-ठनक कर तबला बोले,
डिम-डिम डिम-डिम डौंडी।
टेढ़ी-मेढ़ी बातें बोले,
बाबा जी की लौंडी।