भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

छह पंखों वाले भयानक बैल-सा अकड़कर / ओसिप मंदेलश्ताम

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: ओसिप मंदेलश्ताम  » संग्रह: सूखे होंठों की प्यास
»  छह पंखों वाले भयानक बैल-सा अकड़कर

छह पंखों वाले भयानक बैल-सा अकड़ कर
श्रम दिखा रहा है लोगों को अपनी आब
अपनी रगों में लाल रक्त ख़ूब गाढ़ा भर कर
सर्दियों के शुरू में ही खिल रहे हैं गुलाब

रचनाकाल : अक्तूबर 1930