भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

छोटी मोटी ब्राह्मण बाबूके कान दुनू सोनमा / मैथिली लोकगीत

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मैथिली लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

छोटी मोटी ब्राह्मण बाबूके कान दुनू सोनमा
पढ़य के पोथी नेने जाय हे
बाटे भेटिय गेल ब्राह्मण केर बेटिया यो
सब जनौ दिअ चढ़ाय हे
पहिने जे अबितौं ब्राह्मण अहींके चढ़बितौं
सभ जनौ गेलै बिकाय हे
बाटे भेटिय गेल मालिन केर बेटिया यो
सब फूल दिअ चढ़ाय हे
पहिने जे अबितौं ब्राह्मण अहींके चढ़बितौं
सभ फूल गेल बिकाय हे
बाटे भेटिय गेल हलुअइया के बेटिया
सभ मधुर दीअ चढ़ाय हे
पहिने जे अबितौं ब्राह्मण अहींके चढ़बितौं
सभ मधुर गेल बिकाय हे
छोटे मोटे ब्राह्मण बाबू केर कान दुनू सोनमा
पढ़य के पोथी नेने जाय हे