भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

जंक्शन / आलोक धन्वा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


आह जंक्श‍न !
रेलें जहाँ देर तक रुकती हैं
बाक़ी सफ़र के लिए पानी लेती हैं

मैं ढूँढता हूँ वहाँ
अपने पुराने हमसफ़र।

(1994)