भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

जंगल की आवाज / बालकृष्ण गर्ग

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

गीदड़ ने अखबार निकाला-
‘जंगल की आवाज’,
जंगल के अंधे शासन के
उसमें खोले राज।
अपनी करनी सारी पढ़कर
शेर हुआ नाराज,
‘सारी प्रतियाँ जब्त करा दो’-
गरज उठा वनराज।

[नन्दन दिसंबर 1972]