भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

जीने के लिए मरना / नाज़िम हिक़मत

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जीने के लिए मरना
ये कैसी स‍आदत[1] है
मरने के लिए जीना
ये कैसी हिमाक़त है

अकेले जीओ
एक शमशाद[2] तन की तरह
अओर मिलकर जीओ
एक बन की तरह

हमने उम्मीद के सहारे
टूटकर यूँ ही ज़िन्दगी जी है
जिस तरह तुमसे आशिक़ी की है।

शब्दार्थ
  1. तेजस्विता
  2. सर्व का पेड़, जो बिल्कुल सीधा होता है और जिससे अक्सर नायिका की उपमा दी जाती है