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जुड़ाव-कटाव / सांवर दइया

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भयला नै नूंतां
होटलां में बैठां
सबदां सूं मजमो जमावां
धूंवै में डूबां
चाय रै पाणी सूं आंतड़ियां धोवां
कांईं हुयो
जे घरां पूगतां ई
लुगाई-टाबरां रा ऐ बोल सुणीजै
-म्हे तो अठै बैठां
थांरै करमां नै रोवां !