भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

जुत्ती मेरी नारान्वाल दी / पंजाबी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

जुत्ती मेरी नारान्वाल दी,
सितारेयाँ जडत जड़ी,
मेरेया राँझा,
जुत्ती होवे तां एवा जई,
पा जुत्ती मैं चल पई।
मेरे पबयाँ ते धूड़ पई।
मेरेया राँझा जुत्ती,
होवे तां एवा जई।