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जोगी मैं तो लुट गयी तेरे प्यार में/ पंजाबी

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

जोगी मैं तो लुट गयी तेरे प्यार में
हाय तुझे इसकी खबर कब होगी

बागे दे विच सपणी जे सुइए
ते कारदी ए मेनू मेनू
बच के निकलीं मेरेया माहिया
कि न लड़ जावे तैनू
लुट्टी हीर वे फकीर दी
हाल वे रब्बा मारी तेरेआं गमां दी.

चलो सहियो चल वेखण चलिए
रांझे दा चबारा
हीर विचारी इट्टां ढोवे
ते राँझा ढोवे गारा
लुट्टी हीर वे फकीर दी
हाल वे रब्बा मारी तेरेआं गमां दी.

चलो सहियो चल वेखण चलिए
रांझे पाई हट्टी
हीर निमाणी कम करेंदी
हाय न होवे खट्टी
लुट्टी हीर वे फकीर दी
हाल वे रब्बा मारी तेरेआं गमां दी.